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आत्महत्या निवारण

  • बच्चों में आत्महत्या दर कम नही है । जितने बच्चे आत्महत्या करते हैं, उन बच्चों की अपेक्षा दो गुने बच्चे आत्महत्या करने के बारे में सोचते है ।
  • बच्चे मात्र परीक्षा या फिर उसके परिणाम की चिंता में ही आत्महत्या करते है एसा नही है, उसके और भी कई कारण हो सकते है ।
  • इस लिए बाल हत्या निवारण p4p के लिए महत्वपूर्ण कार्य है ।
  • p4p टीम द्रारा बच्चों मे आत्महत्या निवारण के लिए प्रेजेन्टेशन तथा पुस्तक आदि तैयार किए गए है ।
  • जिला शिक्षक अधिकारी (सूरत) के द्रारा यह पुस्तक प्रकाशित किया गया है ।
  • 29 दिसंबर 2014 को माननीय शिक्षण मंत्री श्री भूपेन्द्रसिंह चूडासमा की उपस्थिति में सूरत जिले के 1200 स्कूल संचालको एवं आचार्यो को ये प्रशिक्षण दिया गया ।
  • ऎसा प्रशिक्षण (तालीम) प्रत्येक जिले मे होनी चाहिए ।
  • मातापिता (खास तौर से दसवी बारवी मे अध्ययन कर रहे बच्चों व टीन एजर्स बच्चो के मातापिता के लिए भी यह प्रशिक्षण देना चाहिए )
  • तालीम (प्रशिक्षण के अंत मे) पुस्तक दी जाए वो बहुत अच्छा ।
  • बच्चो को आत्महत्या निवारण के लिए तैयार करने का मोड्यूल सुरत टीम करेगी ।
  • उसके पश्चात बच्चो के लिए भी ऎसा प्रशिक्षण शुरू करे ।
  • सूरत ग्राम्य जिला पुलिस सुरक्षा सेतु सोसाइटी द्रारा समग्र गुजरात के लिए 24 घंटे कार्यरत जीवन आस्था आत्महत्या निवारण हेल्पलाइन ( टोल फ्री नं– 18602662345, 1800233333) का प्रसार किया जाए । ( प्रसार साहित्य उपलब्ध है । )