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p4p पार्टनर

  • p4p  के विजन अनुसार कार्यरत संस्थाओ के साथ हिस्सेदारी हो सकती है ।
  • एसा करने से निम्न लाभ होगे – p4p जिस क्षेत्र मे अभी कार्य नही कर सकता उस क्षेत्र मे कार्य करने की संभावनाएँ उत्पन्न होंगी (जैसे – झुपडपट्टी मे निवास कर रहे माता-पिता व बच्चे )
  • इन संस्थाओ को कार्य की गति मिलेगी ।
  • ये संस्थएँ अच्छे व व्यवस्थित रूप से कार्य कर सके, इस लिए p4p मार्गदर्शक बने ।
  • एसी संस्थाओ को जोडने का कार्य p4p करे ।
  • ये संस्थाएँ जैसा कार्य कर रही है, वैसा ही कार्य p4p के सदस्य भी शुरू कर सकते है ।
  • p4p की क्षमताएँ एवं ये संस्थाओ की क्षमता के मध्य मे सिनर्जी ( 1+1=11 ) का सर्जन होगा ।

 

जैसे –

  1. मैं ज्योतिधर हूँ । अभियान के ज्योतिर्धरो के पास प्रशिक्षण देने की क्षमता है । p4p की टीम के लिए प्रशिक्षण देने के लिए अवसर उपस्थित करने की क्षमता है । दोनो मिलकर बडे रूप में गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण कर्यक्रम कर सकते है ।
  2. शैशव (भावनगर) के साथ जुडकर बालसेना के मोडल का विस्तार कर सकते है ।
  3. अनाथ बच्चों को दत्तक लेने का कार्य कर रही वात्सल्य एज्युकेशन एन्ड चेरीटॆबल ट्रस्ट (बारडोली) अपना कार्य और भी अच्छे  से कर सके, इसलिए p4p मार्गदर्शक बन सकता है ।
  4. दूसरी जगहों में अन्य संस्थाएँ इस मोडेल पर कार्यरत हो इसलिए p4p मददरूप हो सकता है ।
  5. पेडियाट्रीक, साइकियाट्रीक एसोशिएशन एडोलेशन्ट हेल्थ एकेडमी के साथ भी एसी पार्टनरशीप कर सकते है ।